Paper in hindi

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हिंदी साहित्य में हिंदी के छंद शास्त्र पर,विभिन्न विश्वविद्यालयों में अनेक प्रकार के शोध ग्रंथ लिखे गए है। छंद शास्त्र के विभिन्न खंडों पर भी शोधकार्य लिखे गए ,जैसे दोहा,कवित्त,सवैया सहित अनेक छंदो पर शोध कार्य हो चुके हैं । हिन्दी और उर्दू ग़़ज़लों पर भी काफी शोध प्रबंध लिखे जा चुके हैं। लेकिन अभी तक ‘समकालीन हिंदी ग़़ज़लों’ पर शोध कार्य ना के बराबर हुआ है । ‘समकालीन हिंदी ग़़ज़ल’ जीवन दर्शन और शिल्प (1975 से अब तक)” विषय पर शोध कार्य करने का मानस मैंने इन्हीं आधारभूत कमियों की वजह से बनाया है, कतिपय ग़़़ज़ल संगठनों की भूमिका, पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित लेख एवं परिचर्चा के अतिरिक्त हिंदी ग़़ज़ल पर अब तक कोई प्रमाणिक समालोचनात्मक साहित्य उपलब्ध नहीं है । इसी वजह से मैंने सोचा कि कुछ ऐसा किया जाए ताकि नई पीढ़ी को समकालीन हिंदी ग़़ज़ल की भूमिका के रूप में ’’समकालीन हिंदी, ग़़ज़ल जीवन दर्शन और शिल्प’’ (1975 से अब तक) उपलब्ध हो सके ।


Avedesh Kumar johara, Prabha Sharma (1970); Paper in hindi, Int. J. of Adv. Res., -42 (01), , ISSN 2320-5407. DOI URL: https://dx.doi.org/


Dr. Avedesh Kumar Johra
संगम विश्वविद्यालय ,भीलवाड़ा (राजस्थान)
India